Friday, February 13, 2026
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Homeउत्तराखंडU-WIN पोर्टल से मजबूत हुआ मातृ-शिशु स्वास्थ्य, उत्तराखंड की उल्लेखनीय प्रगति

U-WIN पोर्टल से मजबूत हुआ मातृ-शिशु स्वास्थ्य, उत्तराखंड की उल्लेखनीय प्रगति

यू विन पोर्टल से ‘शून्य खुराक’ वाले बच्चों की डिजिटल पहचान और मैपिंग- पटेल

नई दिल्ली:  भाजपा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अपने लिखित उत्तर में बताया कि 8 फरवरी 2026 तक यू-विन (U-WIN) पोर्टल पर देशभर में 11.12 करोड़ बच्चों और 3.78 करोड़ गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जा चुका है।

यह डिजिटल प्लेटफॉर्म देश में सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम को पारदर्शी, सुलभ और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध हो रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने वर्ष 2025 में देशभर में 8.01 करोड़ लाभार्थियों को यू-विन पर पंजीकृत कर क्यूआर कोड आधारित डिजिटल टीकाकरण प्रमाणपत्र उपलब्ध कराए।

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 3,65,348 गर्भवती महिलाएं और 9,51,444 बच्चे U-WIN पोर्टल पर पंजीकृत हैं और वर्ष 2025 (जनवरी–दिसंबर) के दौरान राज्य में 7,71,381 लाभार्थियों को क्यूआर कोड आधारित डिजिटल टीकाकरण प्रमाणपत्र जारी किए गए।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान U-WIN पोर्टल से देशभर में 29.42 करोड़ एसएमएस रिमाइंडर संदेश भेजे गए, जिससे लाभार्थियों को आगामी खुराकों की समय पर जानकारी मिल सकी। U-WIN पोर्टल के माध्यम से ‘शून्य खुराक’ (Zero Dose) बच्चों की डिजिटल पहचान और मैपिंग भी की जा रही है। फ्रंट-लाइन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा चिन्हित बच्चों को पोर्टल के माध्यम से ट्रैक कर उनका नियमित टीकाकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि U-WIN को वर्तमान में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), पोषण ट्रैकर और सेफवैक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं का समन्वित और समग्र प्रबंधन संभव हो सका है।

सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से टीकाकरण सेवाओं का प्रभावी क्रियान्वयन “डिजिटल इंडिया” और “स्वस्थ भारत” के संकल्प को साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में U-WIN के माध्यम से टीकाकरण कवरेज में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित हुई है, जो अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरक मॉडल बन सकता है।

रावत ने कहा कि अन्य बड़े राज्यों की तुलना में सीमित भौगोलिक और जनसंख्या आधार के बावजूद उत्तराखंड में पंजीकरण और डिजिटल प्रमाणपत्र निर्गमन की यह संख्या दर्शाती है कि राज्य में डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना और जमीनी स्तर पर टीकाकरण अभियान प्रभावी ढंग से संचालित हो रहा है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और स्वास्थ्य मंत्रालय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने हेतु तकनीक आधारित यह पहल दूरस्थ एवं दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर सिद्ध हो रही है।

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