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परेड ग्राउंड कार्यक्रम में प्रोटोकॉल की अनदेखी: विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी नाराज़, मुख्य सचिव ने मांगा जवाब

देहरादून: स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में एक बड़ी चूक सामने आई है। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी को मंच पर उचित प्रोटोकॉल नहीं दिए जाने से वे बेहद नाराज़ बताई जा रही हैं। इस लापरवाही को लेकर विधानसभा सचिवालय ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन को पत्र भेजा है, जिसमें प्रोटोकॉल के उल्लंघन और स्पीकर की अप्रसन्नता से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की गई है।

मुख्य सचिव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सचिव सूचना शैलेश बगोली और जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल से इस चूक पर तत्काल जवाब तलब किया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब विधानसभा अध्यक्ष को समारोह का निमंत्रण दिया गया था, तो फिर मंच पर उनके बैठने की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

यह पहली बार नहीं है जब देहरादून जनपद में इस प्रकार की प्रोटोकॉल संबंधित चूक हुई है। इससे पहले भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के दौरे के समय प्रोटोकॉल में खामी की बात सामने आई थी।देहरादून जिले में लगातार इस तरह की घटनाएं उत्तराखंड की प्रशासनिक व्यवस्था और प्रोटोकॉल पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।

सूत्रों का कहना है कि ऋतु खंडूड़ी इस पूरे घटनाक्रम से खासा आहत हैं और उन्होंने इसे संविधानिक पद की गरिमा से जोड़ते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। अब देखना यह होगा कि शासन स्तर पर इस मामले में क्या कार्रवाई होती है और जिम्मेदारी किस पर तय की जाती है।

स्वतन्त्रता दिवस के उपलक्ष्य में परेड ग्राउन्ड, देहरादून में आयोजित समारोह में अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ मा० अध्यक्ष, विधान सभा, उत्तराखण्ड को भी आमन्त्रित किया गया है।

सचिव, सूचना विभाग, उत्तराखण्ड शासन ने निमन्त्रण पत्र के साथ परेड ग्राउन्ड की व्यवस्था का एक मानचित्र भी प्रेषित किया है जिसकी प्रति में इस पत्र के साथ सचिव सूयहाँ लग्नो कर रहा हूँ। संलग्न मानचित्र की ओर आपका ध्यान आकर्षित करते हुए अवगत DM अतिथिमण के पश्चात् निर्धारित किया गया है। कराना चाहूँगा कि मा० अध्यक्ष, विधान सभा के बैठने का स्थान गंगा में मा० मुख्यमंत्री

प्रथम दृष्ट्या स्पष्ट है कि मा० अध्यक्ष, विधान सभा के बैठने हेतु उनकी गरिमा का उचित ध्यान नहीं रखा गया है, यह खेद का विषय है। मा० अध्यक्ष, विधान सभा का पद संवैधानिक पद है, और यह विचाराधीन बैठने की व्यवस्था इस पद की अवमानना है। मा० अध्यक्ष, विधान सभा ने इस पर अप्रसन्नता प्रकट की है।

17/08/22 मैं स्वयं यह महसूस करता है कि जब मा० अध्यक्ष, विधान सभा को उनकी (आनन्द बनोरिमा के अनुकूल सम्मानजनक स्थान आवंटित नहीं हो रहा है तो ऐसे में उनका मुख्य सचिव कार्यक्रम में सम्मिलित होना उचित नहीं होगा। उत्तराखण्ड मा

आपके स्तर से इस सम्बन्ध में उचित कार्यवाही अपेक्षित है।

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