Thursday, March 12, 2026
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडराष्ट्रीय खेल- ‘ग्रीन गेम्स’ के तहत सस्टेनेबल डेवलपमेंट का प्रदर्शन

राष्ट्रीय खेल- ‘ग्रीन गेम्स’ के तहत सस्टेनेबल डेवलपमेंट का प्रदर्शन

देहरादून: उत्तराखंड में 28 जनवरी को शुरू हुए 38वें राष्ट्रीय खेल के भव्य उद्घाटन के बाद अब खेल अपने पूरे जोश पर हैं। बीते दिनों में पूरे प्रदेश में विभिन्न खेलों का रोमांच देखने को मिला, जहां एथलीटों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया और उत्तराखंड ने खेलों के आयोजन में एक मिसाल कायम की। यह पहली बार है जब उत्तराखंड को इतने बड़े राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला और राज्य ने इसे ऐतिहासिक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

देहरादून के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 28 जनवरी को हुए उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और उत्तराखंड को ‘ग्रीन गेम्स’ थीम के तहत खेलों को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से आयोजित करने के लिए सराहा।

खेलों का रोमांच पूरे राज्य में फैला
राष्ट्रीय खेल के तहत मुकाबले केवल देहरादून तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हल्द्वानी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ सहित 11 शहरों और 8 जिलों में आयोजित किए गए हैं। 10,000 से अधिक एथलीट, 35 विभिन्न खेलों में भाग ले रहे हैं, जिससे पूरे उत्तराखंड में खेलों का उत्साह बन रखा है।

उत्तराखंड के लोगों ने इन खेलों को सिर्फ एक प्रतियोगिता के रूप में नहीं देखा, बल्कि इसे अपने प्रदेश की पहचान और विकास से जोड़ा है। खेल स्थलों पर दर्शक भारी भीड़ में आ रहे हैं।

‘ग्रीन गेम्स’ ने पेश की नई मिसाल
उत्तराखंड ने इस आयोजन को केवल खेलों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलेपमेंट से भी जोड़ा है। इस बार के राष्ट्रीय खेल को ‘ग्रीन गेम्स’ थीम के तहत आयोजित किया गया, जिसमें पर्यावरण के अनुकूल खेल स्थलों का निर्माण किया गया।

खेल परिसरों को ऊर्जा-कुशल तकनीकों से लैस किया गया, जिसमें सौर ऊर्जा का उपयोग प्रमुख रहा है। प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम किया गया और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए है। खेल स्थलों को स्थानीय परिदृश्य के अनुरूप डिज़ाइन किया गया, ताकि उत्तराखंड की जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य को संरक्षित रखा जा सके।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिला बढ़ावा
खेल आयोजन से न केवल खेलों को बढ़ावा मिला, बल्कि उत्तराखंड की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली। खेल स्थलों के निर्माण और प्रबंधन में स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता दी गई, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा हुए। पर्यटन को भी बढ़ावा मिला, क्योंकि खेलों को देखने के लिए देशभर से लोग उत्तराखंड पहुंचे।

राज्य सरकार का मानना है कि इन खेलों से तैयार किया गया बुनियादी ढांचा भविष्य में भी उपयोगी साबित होगा। देहरादून, हल्द्वानी और अन्य शहरों में बने खेल परिसर आगे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी कर सकते हैं।

उत्तराखंड को मिली राष्ट्रीय पहचान
38वें राष्ट्रीय खेल ने उत्तराखंड को देश के अग्रणी खेल आयोजक राज्यों में शामिल कर दिया है। राज्य ने न केवल भव्य आयोजन किया है, बल्कि ग्रीन और सस्टेनेबल डेवलेपमेंट के लिए नई राह भी दिखाई।

इस आयोजन के बाद उत्तराखंड अब भविष्य में और भी बड़े खेल आयोजनों की दावेदारी पेश कर सकता है। 2036 के ओलंपिक की संभावित मेजबानी को देखते हुए भारत जिस तरह से खेल अवसंरचना को विकसित कर रहा है, उसमें उत्तराखंड की भूमिका और मजबूत हो सकती है।

राष्ट्रीय खेल ने उत्तराखंड को न केवल खेलों में बल्कि पर्यावरण-अनुकूल आयोजनों की दिशा में भी एक नई पहचान दी है।

RELATED ARTICLES

-VIDEO ADVERTISEMENT-

Most Popular