Thursday, January 15, 2026
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडITBP और राज्य सरकार के बीच हुआ MoU,सीमांत गांव के लोगों को...

ITBP और राज्य सरकार के बीच हुआ MoU,सीमांत गांव के लोगों को मिलेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा

देहरादून: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड शासन एवं भारत–तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के मध्य स्वस्थ सीमा अभियान के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत एवं कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा भी उपस्थित रहे।
इस एमओयू का उद्देश्य पिथौरागढ़, चमोली एवं उत्तरकाशी जनपदों के अंतर्गत स्थित 108 सीमावर्ती गांवों में निवासरत नागरिक आबादी को एकीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। यह अभियान चरण–1 के रूप में प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से दुर्गम एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुनिश्चित किया जाएगा।
एमओयू के तहत भारत–तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), मुख्यालय उत्तरी सीमांत, देहरादून को प्रथम पक्ष तथा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड सरकार को द्वितीय पक्ष के रूप में नामित किया गया है | समझौते के अनुसार, आईटीबीपी द्वारा योग्य चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ तथा उपलब्ध एमआई रूम एवं टेली-मेडिसिन सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सीमावर्ती गांवों का नियमित भ्रमण कर स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी। साथ ही लाभार्थियों के मेडिकल हेल्थ कार्ड/रिकॉर्ड का रख-रखाव एवं उपकरणों, दवाईयों तथा उपयोगी सामग्रियों का समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा।
वहीं, उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संबंधित गांवों के जनसांख्यिकीय आंकड़े उपलब्ध कराए जाएंगे तथा प्रारंभिक स्तर पर आवश्यक चिकित्सा उपकरण प्रदान किए जाएंगे। उपभोग के आधार पर प्रत्येक छह माह में दवाईयों एवं अन्य सामग्रियों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। आपातकालीन परिस्थितियों में निकासी, दूरसंचार सहायता तथा उपकरणों के स्वामित्व एवं आवश्यक प्रतिस्थापन की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार द्वारा निभाई जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इस अवसर पर कहा कि स्वस्थ सीमा अभियान सीमावर्ती क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह न केवल स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करेगा, बल्कि सीमावर्ती गांवों में विश्वास, सुरक्षा और स्थायित्व को भी बढ़ावा देगा। उन्होंने कहा कि सरकार सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और यह एमओयू उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस अवसर पर आईटीबीपी अधिकारियों ने जानकारी दी कि आई टी बी पी एवं उत्तराखण्ड सरकार के मध्य में पूर्व में स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति हेतु किए गए एमओयू की वर्तमान स्थिति के अनुसार नवंबर 2024 से 25 प्रतिशत आपूर्ति ट्रायल आधार पर तथा मार्च 2025 से 100 प्रतिशत आपूर्ति प्रारंभ की गई है। इस व्यवस्था के अंतर्गत जीवित भेड़/बकरी, जीवित मुर्गा, हिमालयन ट्राउट मछली, ताजा दूध, पनीर एवं टीपीएम जैसे उत्पादों की खरीद विभिन्न सहकारी संस्थाओं के माध्यम से की जा रही है। अब तक लगभग 3,79,650.23 किलोग्राम एवं 3,25,318.72 लीटर उत्पादों की खरीद की जा चुकी है, जिसकी कुल अनुमानित लागत ₹11.94 करोड़ से अधिक है।
कार्यक्रम में वाइब्रेंट/बॉर्डर ग्रामों से वर्ष 2026 के लिए स्थानीय उत्पादों की प्रस्तावित खरीद का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इसके अंतर्गत जीवित भेड़/बकरी की 4,00,000 किलोग्राम मात्रा की खरीद 13 करोड़ रुपये में, जीवित मुर्गे की 2,50,000 किलोग्राम खरीद 4 करोड़ रुपये में तथा हिमालयन ट्राउट मछली की 82,000 किलोग्राम खरीद 3.90 करोड़ रुपये में प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त 21,302 किलोग्राम पनीर की खरीद 0.79 करोड़ रुपये, 4,73,532 लीटर ताजे दूध की खरीद 3.3 करोड़ रुपये तथा 1,40,018 लीटर टीपीएस की खरीद 1.5 करोड़ रुपये में की जाएगी। MoU के उपरांत 9,85,391 किलोग्राम सब्जियों की खरीद 2.77 करोड़ रुपये तथा 6,20,228 किलोग्राम फलों की खरीद 3.50 करोड़ रुपये अनुमानित है। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 7,53,302 किलोग्राम, 6,13,550 लीटर तथा MoU के उपरांत 16,05,619 किलोग्राम उत्पादों की खरीद की जाएगी, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग 32.76 करोड़ रुपये है।
इस अवसर पर जानकारी दी गई कि आगामी एमओयू एवं प्रस्तावित समझौतों के अंतर्गत, स्थानीय पशुपालकों से नॉन-वेज उत्पादों की सीधी खरीद प्रक्रिया को सुदृढ़ करने हेतु समझौता किया जाना प्रस्तावित है, जिससे मध्यस्थों की भूमिका समाप्त हो सके और उत्पादकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त हो।
भविष्य में किए जाने वाले अन्य समझौतों के तहत, आईटीबीपी द्वारा उत्तराखण्ड राज्य में प्रथम चरण में 108 सीमावर्ती गांवों की पहचान की गई है। इन गांवों में पब्लिक हेल्थ सेंटर (पीएचसी) एवं पशु चिकित्सा केंद्रों की दूरी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य एवं पशु चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर कार्य किया जाएगा। इसके अतिरिक्त स्थानीय किसानों को प्रोत्साहित करने हेतु स्थानीय फल एवं सब्जियों की खरीद के लिए एमओयू किया जाना प्रस्तावित है। साथ ही राज्य की सहकारी चीनी मिलों से उत्तम गुणवत्ता की चीनी की खरीद हेतु भी समझौता प्रस्तावित है। दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित एवं प्रभावी आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आईटीबीपी द्वारा UCADA हेलीकॉप्टर सेवाओं के उपयोग हेतु एमओयू किया जाना भी प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह पहल वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम को प्रभावी रूप से सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रही है तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ की अवधारणा को व्यवहारिक धरातल पर साकार कर रही है। Point to Point Model के माध्यम से किसानों से सीधी खरीद सुनिश्चित की गई है, जिससे 550 से अधिक सीमावर्ती निवासी लाभान्वित हुए हैं और ठेकेदार एवं दलाल प्रणाली को पूर्णतः समाप्त करते हुए किसी भी प्रकार के middle man की भूमिका नहीं रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से सीमावर्ती क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसरों का सृजन हुआ है तथा पूरे वर्ष ऑर्गेनिक, ताज़ी एवं निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, जिसमें बरसात एवं सर्दियों जैसे कठिन मौसम भी शामिल हैं। स्थानीय स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले नॉन-वेज, फल, सब्ज़ी एवं दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता से न केवल उपभोक्ताओं को लाभ मिला है, बल्कि उत्पादकों की आय में भी वृद्धि हुई है। इसके साथ ही यह पहल रिवर्स माइग्रेशन को प्रोत्साहित करने में सहायक सिद्ध हो रही है, क्योंकि स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी अवसर प्राप्त हो रहे हैं। पर्यावरणीय दृष्टि से भी यह व्यवस्था अत्यंत लाभकारी है, क्योंकि इससे कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय कमी आई है। समग्र रूप से यह पहल 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDG) में से 10 लक्ष्यों की सफल प्राप्ति में योगदान देती है, जो इसे सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय दृष्टि से एक प्रभावशाली और सतत मॉडल बनाती है।
इस अवसर पर सचिव डॉ बी वी आर सी पुरुषोत्तम, आईजी आईटीबीपी श्री संजय गुंज्याल व आईटीबीपी के अधिकारी उपस्थित रहे |
RELATED ARTICLES

वीडियो एड

Most Popular