Thursday, February 19, 2026
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Homeउत्तराखंडअवैध निर्माण पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन सील

अवैध निर्माण पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन सील

ऋषिकेश: मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है। प्राधिकरण की टीम द्वारा नियमित निरीक्षण और शिकायतों के आधार पर चिन्हित स्थलों पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में ऋषिकेश क्षेत्र में नियमों के विपरीत किए जा रहे बहुमंजिला निर्माणों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण या भू-उपयोग परिवर्तन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत ऋषिकेश में निकट रेलवे स्टेशन, आदर्श नगर क्षेत्र में सिद्धार्थ सिंघल द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण को चिन्हित कर सील कर दिया गया। यह कार्रवाई सहायक अभियन्ता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियन्ता पूनम सकलानी, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में की गई। एमडीडीए ने आमजन से अपील की है कि किसी भी निर्माण कार्य से पूर्व विधिवत मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शहरों का सुनियोजित विकास और सुरक्षित आधारभूत ढांचा सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। अवैध निर्माण न केवल शहरी सौंदर्य और मास्टर प्लान का उल्लंघन है, बल्कि भविष्य में जनसुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें नियमित रूप से निरीक्षण कर रही हैं और शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लिया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि विकास कार्य नियमों के अनुरूप ही किए जाएं, ताकि क्षेत्र का संतुलित और सुरक्षित विकास सुनिश्चित हो सके।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि संबंधित निर्माणकर्ता को पूर्व में नोटिस जारी किया गया था, किंतु संतोषजनक जवाब न मिलने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। सचिव ने चेतावनी दी कि बिना स्वीकृत मानचित्र के किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य पाए जाने पर तत्काल विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

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