रुद्रप्रयाग: आस्था और श्रद्धा के प्रतीक केदारनाथ धाम की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली आज शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धाम के लिए रवाना हो गई. परंपरागत रीति-रिवाजों के अनुसार मंदिर की परिक्रमा के उपरांत डोली ने अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किया.
डोली प्रस्थान के दौरान पूरा क्षेत्र ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु डोली के साथ पैदल यात्रा पर भी निकले. मंदिर परिसर में भारी जनसमूह उमड़ा, जहां भक्तों ने पुष्प वर्षा कर बाबा केदार का आशीर्वाद प्राप्त किया. लगभग आठ क्विंटल फूलों से सजे मंदिर ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया.
यात्रा से पूर्व शनिवार रात्रि को भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना विधि-विधान से संपन्न की गई, जो इस परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डोली ऊखीमठ से प्रस्थान कर गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी पहुंचेगी, जहां श्रद्धालुओं को दर्शन हेतु अल्प विश्राम दिया जाएगा.

ओंकारेश्वर मंदिर को फूलों से सजाया गया

पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली के रवाना होने के दौरान हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे
22 अप्रैल 2026 को प्रात 8 बजे शुभ मुहूर्त में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे, जिसके साथ ही विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ होगा.

यात्रा मार्ग पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पंचमुख डोली के दर्शन कर आशीर्वाद लिया.
जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग एवं बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार डोली यात्रा एवं यात्रा सीजन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं.

मंदिर में मौजूद हजारों भक्त इस पल के साक्षी बने
सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई है. स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, विद्युत, सड़क और पैदल मार्गों का सुदृढ़ीकरण, बर्फ हटाने समेत सभी आवश्यक व्यवस्थाएं लगभग पूरे कर लिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो.

आज फाटा में विश्राम करेगी डोली
वहीं, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल ने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे यात्रा सुरक्षित, सुगम और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके. पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं में बाबा केदार के प्रति गहरी आस्था और उत्साह स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है.


