राज्यपाल ने मुनस्यारी में आईटीबीपी जवानों से किया संवाद
14वीं वाहिनी आईटीबीपी के जवानों का राज्यपाल ने बढ़ाया उत्साह
सीमांत सुरक्षा में आईटीबीपी के योगदान की राज्यपाल ने की सराहना
मुनस्यारी: राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने आज 14वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के मुनस्यारी स्थित टुकड़ी के अधिकारियों एवं जवानों के साथ संवाद किया। उन्होंने सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, नागरिक सहयोग तथा राष्ट्र सेवा में आईटीबीपी के योगदान की सराहना करते हुए जवानों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा, “यह मेरे लिए गर्व का विषय है कि मुझे मुनस्यारी आने तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के वीर जवानों, अधिकारियों एवं उनके परिवारों से मिलने का अवसर प्राप्त हुआ। जिस उच्च मनोबल, समर्पण और अनुशासन के साथ आप सभी इस दुर्गम एवं चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में देश की सीमाओं की सुरक्षा कर रहे हैं, वह वास्तव में प्रेरणादायी है। राज्यपाल ने कहा आपका अटूट कर्तव्यबोध और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। विषम परिस्थितियों एवं कठिन मौसम के बावजूद आपकी मुस्तैदी और प्रतिबद्धता राष्ट्र के प्रति आपकी निष्ठा को दर्शाती है। पूरे देश को आप पर गर्व है।”
उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड वीरों की भूमि है और यहां की गौरवशाली सैन्य परंपरा देश की अमूल्य धरोहर है। राज्यपाल ने कहा कि सैनिक का जीवन केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च संकल्प है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों की सुरक्षा, विकास और समृद्धि हमारे जवानों की सतत सजगता एवं त्याग पर आधारित है। राज्यपाल ने आईटीबीपी की 14वीं वाहिनी द्वारा सीमा सुरक्षा, रेस्क्यू अभियानों, लॉन्ग रेंज पेट्रोलिंग, हिमाद्री अभियान तथा ‘वाइब्रेंट विलेज’ जैसी पहलों में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए अधिकारियों एवं जवानों को बधाई दी।


