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राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को जनपदो में शिक्षा योजनाओं की ऑनरशिप लेने की हिदायत दी

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सभी डीएम को सम्पर्क योजना की माह में एक बार अनिवार्यतः समीक्षा के निर्देश

चम्पावत, सितारगंज, पौड़ी, खिर्सू, डीडीहाट तथा ऊखीमठ ब्लाॅक पर विशेष फोकस

राज्य के 25 प्रतिशत स्कूलों को सम्पर्क योजना के तहत स्मार्टक्लासेज में अपग्रेड किया गया

देहरादून: जनपदों में स्कूली शिक्षा के कायाकल्प के लिए प्रेरित करते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारियों को शिक्षा से सम्बन्धित योजनाओं की ऑनरशिप लेने के निर्देश दिए हैं। सीएस श्रीमती रतूड़ी सचिवालय में माध्यमिक शिक्षा में जनपदों में समग्र शिक्षा तथा सम्पर्क फाउण्डेशन के तहत टीचिंग लर्निंग मेटिरियलस (टीएलएम) व डिजिटल रिसोर्स की उपयोगिता से सम्बन्धित सम्पर्क योजना की समीक्षा कर रही थी।

समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड एवं सम्पर्क फाउण्डेशन के बीच एमओयू के तहत वर्ष 2014 से सम्पर्क योजना के अन्र्तगत राज्य के 13 जिलों के 95 ब्लाॅक के 11479 स्कूलों में डिजिटल रिसोर्स, टीवी डिवाइसेज स्मार्ट एलईडी टीवी, सम्पर्क स्मार्टशाला एफएलएन एण्ड साइंस टीवी डिवाइसेज (1000 से अधिक आॅफलाइन कंटेट के साथ), विडियो आदि के माध्यम से स्कूलों को स्मार्ट क्लासेज में अपग्रेड करने का प्रयास किया जा रहा है।

सभी डीएम को सम्पर्क योजना की माह में एक बार अनिवार्यतः समीक्षा की हिदायत देते हुए मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने डीएम डैशबोर्ड के माध्यम से इस योजना के निरन्तर माॅनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिलाधिकारियों को डीईओ तथा बीईओ के साथ सम्पर्क योजना की स्कूलों में अधिकतम उपयोगिता की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। सीएस ने विद्या समीक्षा केन्द्र के माध्मय से भी इस योजना का अनुश्रवण सुनिश्चित करने की हिदायत दी है। श्रीमती राधा रतूड़ी ने शिक्षा विभाग को जिला शिक्षा अधिकारियों तथा प्रिंसिपल डाइट ( DIETS) को सम्पर्क योजना की उपयोगिता की समीक्षा तथा क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी हेतु सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिए हैं।

चम्पावत, सितारगंज, पौड़ी, खिर्सू, डीडीहाट तथा ऊखीमठ ब्लाॅक में सम्पर्क योजना के संचालन पर विशेष फोकस करने के निर्देश देते हुए मुख्य सचिव श्रीमती रतूड़ी ने सम्बन्धित अधिकारियों को हिदायत दी है कि शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए तकनीक संचालित लर्निंग टूल्स को एकीकृत करना होगा ताकि राज्य की विद्यार्थियों को एक उन्नत तथा परस्पर संवादात्मक ( improved & interactive ) शैक्षणिक अनुभव प्राप्त हो सके। मुख्य सचिव ने इस योजना को शिक्षा के क्षेत्र में महाअभियान बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसमें खण्ड शिक्षा अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, ग्राम पंचायतों, अभिभावकों के साथ ही सभी लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

राज्यभर में 3237 प्राथमिक विद्यालय तथा 1100 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के साथ कुल 4337 विद्यालयों में सम्पर्क योजना का कवरेज दिया जा चुका है। इस प्रकार राज्य के 25 प्रतिशत स्कूलों को योजना के तहत स्मार्टक्लासेज में अपग्रेड किया जा चुका है।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने शिक्षा विभाग एवं सम्पर्क फाउण्डेशन द्वारा तैयार किए गए टीचर्स रिपोर्ट कार्ड का भी विमोचन किया।

बैठक में सचिव रविनाथ रमन के साथ ही शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से मौजूद रहे |

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