Friday, March 20, 2026
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चमोली माणा ग्लेशियर हादसा: 32 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया ,अभी भी 25 मजदूर फंसे हैं बर्फ में

हिमस्खलन में फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकालना प्राथमिकता- मुख्यमंत्री 

देखें, हादसे से जुड़ी फोटोज

देहरादून: बचाव दल ने माणा के एवलांच में फंसे 57 मजदूरों में से 32 को सुरक्षित निकाल लिया  है।  शेष 25 लोगों को निकालने की कवायद जारी है। ये मजदूर माणा से छह किमी आगे बीआरओ की सड़क निर्माण में जुटे हुए थे। शुक्रवार को भारी बर्फबारी कर बीच 57 मजदूर ग्लेशियर में दब गए थे।

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले में बदरीनाथ धाम से छह किलोमीटर आगे हिमस्खलन (एवलांच) में फंसे श्रमिकों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों तथा जिलाधिकारी चमोली से राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, बी0आर0ओ0, आर्मी, मेडिकल तथा स्थानीय प्रशासन की टीमें राहत और बचाव कार्यों में जुटी हैं। उन्होंने कहा के वे राहत और बचाव अभियान की नियमित मॉनीटरिंग कर रहे हैं और अधिकारियों से नियमित अपडेट ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को अपराह्न करीब तीन बजे आईटी पार्क में यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे । और जिलाधिकारी चमोली  संदीप तिवारी से रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली।

इस दौरानमुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, सचिव मुख्यमंत्री शैलश बगौली, आयुक्त गढ़वाल मण्डल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव आपदा प्रबन्धन एवं पुनर्वास  विनोद कुमार सुमन, आईजी एसडीआरएफ श्रीमती रिद्धिम अग्रवाल आदि अन्य अधिकारियों के साथ श्रमिकों को निकालने की रणनीति पर चर्चा की।

उन्होंने बताया कि बर्फ में फंसे श्रमिकों के सुरक्षित रेस्क्यू के लिए सभी आवश्यक संसाधनों की तैनाती सुनिश्चित कर ली गई है। एम्बुलेंस की तैनाती कर दी गई है।

आपदा प्रबन्धन विभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है। आर्मी, आईटीबीपी की मदद ली जा रही है। एम्स में हेली एम्बुलेंस को एलर्ट पर रखा गया है। बेस और जिला अस्पताल के साथ ही श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को एक्टिवेट कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि फंसे हुए सभी श्रमिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जाए। मौसम खराब होने तथा विजीबिलिटी कम होने के कारण हेलीकॉप्टर के जरिये राहत और बचाव कार्यों में बाधा आ रही है।

 राहत और बचाव दलों द्वारा अन्य विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना तथा आईटीबीपी के 65 लोग वहां पर राहत और बचाव कार्यों में लगे हैं। उन्होंने बताया कि स्नो एक्सपर्ट्स की भी मदद ली जा रही है।

राहत एवं बचाव कार्य यु़द्धस्तर पर किया जा रहा है।

इस दौरान यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी-क्रियान्वयन डीआईजी  राजकुमार नेगी, वित्त नियंत्रक  अभिषेक आनन्द, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी  ओबैदुल्लाह अंसारी, यूएलएमएमसी के निदेशक शांतनु सरकार आदि मौजूद थे।

गृह मंत्री और रक्षा मंत्री ने दिया हर संभव मदद का भरोसा

मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि  गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री  राजनाथ सिंह ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। पीएमओ कार्यालय लगातार सम्पर्क में है। उन्होंने बताया कि भारतीय वायु सेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर की मदद के लिए एयरफोर्स को पत्र भेज दिया गया है। गृह मंत्री अमित शाह भी इस मामले की लगातार अपडेट ले रहे हैं और उन्होंने भारत सरकार के स्तर से हरसंभव मदद का भरोसा जताया है।

माणा हस्पिटल में श्रमिकों का किया जा रहा उपचार

एसईओसी में ऑनलाइन जुड़े जिलाधिकारी  संदीप तिवारी ने  मुख्यमंत्री को बताया कि 57 श्रमिक एवलांच में फंस गए थे, जिनमें से शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक 10 श्रमिकों का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया था और माणा अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा है। वहीं शुक्रवार सायं 5ः00 बजे कुल 32 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। शेष 25 लोगों को निकालने की कार्यवाही गतिमान है।

उन्होंने बताया कि माणा स्थित आईटीबीपी के हेलीपेड को हेली सेवाओं के जरिये रेस्क्यू के लिए तैयार करने की कार्यवाही की जा रही है। जोशीमठ, रविग्राम और गोविन्दघाट के हेलीपैड तैयार किए जा रहे हैं। पांच एम्बुलेंस भी रवाना कर दी गई हैं।

उन्होंने बताया कि लगातार बर्फबारी और बारिश के कारण मूवमेंट में दिक्कत आ रही है। जैसे ही मौसम में सुधार होगा, व्यापक स्तर पर राहत और बचाव कार्य संचालित कर दिए जाएंगे।

एनडीआरएफ की चार टीमें रवाना

एनडीआरएफ की चार टीमें भी राहत और बचाव कार्यों के लिए रवाना कर दी गईं हैं। ये चार टीमें रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और देहरादून से रवाना की गई हैं।

ड्रोन भी भरेंगे उड़ान, लोकेशन पता करने में करेंगे मदद 

आईजी एसडीआरएफ  रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि एसडीआरएफ के जवान रवाना कर दिए गए हैं। इसके साथ ही ड्रोन की एक टीम तैयार की है, जिससे वहां के हालात की जानकारी मिल सके और उनकी लोकेशन की जानकारी मिल सके। जिला प्रशासन के स्तर से आपदा प्रबन्धन विभाग के ड्रोन के साथ ही निजी ड्रोन की सेवाएं ली जा रही हैं।

आपदा प्रबन्धन विभाग ने जारी किया हेल्पलाइन नम्बर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर आपदा प्रबन्धन विभाग की ओर से किसी भी प्रकार की मदद के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी किया गया है। यदि कोई इस घटना से सम्बन्धित किसी प्रकार की कोई जानकारी प्राप्त करना चाहता हो तो इन नम्बरों पर सम्पर्क कर सकता है। निम्न हेल्पलाइन नम्बर यूएसडीएमए स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केन्द्र से संचालित किए जा रहे हैं।

मोबाइल नम्बर-8218867005, 9058441404
दूरभाष नम्बर-0135-2664315
टोल फ्री नम्बर-1070

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