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Homeउत्तराखंडबेहतर हेली सर्विस को सहस्त्रधारा व सिरसी में बनेगा एटीसी

बेहतर हेली सर्विस को सहस्त्रधारा व सिरसी में बनेगा एटीसी

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सावन के पहले सोमवार की विवादास्पद उड़ान पर कोई फाइनल एक्शन नहीं

प्रत्येक हेलीपैड पर नियुक्त होंगे प्रभारी अधिकारी

देहरादून: प्रतिबंध के बावजूद दून से केदारनाथ की उड़ान पर गए हेरिटेज कम्पनी पर कोई ठोस कार्रवाई अभी तक सामने नहीं आयी है। लेकिन हेली सेवाओं को सुदृढ बनाने के लिए शासन सिर पर मंथन जारी है।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में केदारघाटी में संचालित हेली सेवाओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने युकाडा और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों को सहस्त्रधारा एवं सिरसी में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) शीघ्र स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि एटीसी की स्थापना सितंबर के पहले सप्ताह तक हर हाल में पूरी कर ली जाए। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि हर हेलीपैड पर एक प्रशिक्षित ‘हेलीपैड-इन-चार्ज’ तैनात किया जाए, जिसकी जिम्मेदारी शटल सेवाओं की समयबद्धता सुनिश्चित करने की होगी। उन्होंने कहा कि सभी हेलीपैडों पर प्रशिक्षित मैनपावर की व्यवस्था की जाए और संचालन के लिए निर्धारित एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का 100% पालन हो। प्रत्येक उड़ान की टाइम टेबल और फ्लाइट नंबर निर्धारित कर बोर्डिंग पास पर अंकित किया जाना सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि युकाडा प्रदेश में हेली सेवाओं के संचालन की नियामक संस्था है और हेली कंपनियों द्वारा नियमों के अनुपालन की जिम्मेदारी युकाडा की ही होगी। मौसम संबंधी जानकारी के लिए मौसम विभाग की ओर से स्थायी मौसम अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, जिनके उपकरण व वेतन का व्यय युकाडा वहन करेगा। उन्होंने निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों पर ऑटोमेटेड वेदर ऑब्जर्वेशन सिस्टम (AWOS) और सीलोमीटर शीघ्र स्थापित किए जाएं। युकाडा को अपने स्तर पर भी इन उपकरणों की स्थापना के निर्देश दिए गए।

बैठक में सचिव शैलेश बगौली, सचिन कुर्वे सहित नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

इधऱ, सावन के पहले सोमवार को बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्वेदी व अन्य को उड़े हेरिटेज कम्पनी के खिलाफ अभी तक फाइनल निर्णय सामने नहीं आया है। प्रतिबंध के बावजूद सशर्त उड़ान को लेकर उठे विवाद के  बाद गेंद युकाङा  और डीजीसीए के पाले में है।

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