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49वीं भारतीय पुलिस साइंस कांग्रेस का आयोजन 7 व 8 अक्टूबर को दून में

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–गृह मंत्री अमित शाह करेंगे बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग

-मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे अतिविशिष्ट सम्मानित अतिथि

देहरादून: 49वीं अखिल भारतीय पुलिस साइंस कांग्रेस का आयोजन वन अनुसंधान संस्थान में 7 व 8 अक्टूबर को किया जायेगा। इस मौके पर देश के गृह मंत्री अमित शाह बतौर मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करेंगे तो प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अतिविशिष्ट सम्मानित अतिथि होंगे।

सोमवार को राज्य के पुलिस महानिदेशक ने जानकारी देते हुए बताया कि यह गौरव की बात है कि 49वीं अखिल भारतीय पुलिस विज्ञान कांग्रेस (एआईपीएससी) की मेजबानी 7 और 8 अक्टूबर को देहरादून के वन अनुसंधान संस्थान में उत्तराखंड पुलिस द्वारा की जाएगी। पुलिसिंग इन अमृत काल थीम पर गृह मंत्रालय, भारत सरकार की संस्था पुलिस विकास एवं अनुसंधान ब्यूरो (बीपीआर एण्ड डी) के तत्वावधान में इसे आयोजित कराया जा रहा है।

12 वर्षों के लम्बे अन्तराल के पश्चात् डीजीपी अशोक कुमार की पहल पर इसे अपने राज्य में कराने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। इससे पूर्व 41वें एआईपीएससी का आयोजन 21 से 23 जून, 2011 के मध्य वन अनुसंधान संस्थान देहरादून में ही कराया गया था।

49वीं अखिल भारतीय पुलिस साइंस कांग्रेस का उद्घाटन 07 अक्टूबर, 2023 को वन अनुसंधान संस्थान के दीक्षांत हॉल में पूर्वाहन में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर देश के गृह मंत्री, अमित शाह, ने मुख्य अतिथि बनने के लिए सहमति दे दी है वहीं मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी अतिविशिष्ट सम्मानित अतिथि होंगे।

कार्यक्रम में प्रतिभाग करने एवं अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए पूरे देशभर से पुलिस अधिकारी, शिक्षाविद्, शोधकर्ता, न्यायविद, विज्ञान विशेषज्ञ तथा दूसरे हितधारक उपस्थित होंगे। समापन समारोह 08 अक्टूबर, 2023 को भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई) सभागार में सायं 04 बजे आयोजित किया जाएगा।

इस अवसर पर राज्यपाल उत्तराखण्ड लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने मुख्य अतिथि बनने के लिए सहृदय सहमति दे दी है।

49वीं अखिल भारतीय पुलिस साइंस कांग्रेस (एआईपीएससी) के सम्बन्ध में बीपीआर एण्ड डी द्वारा एआईपीएससी का पहली बार आयोजन वर्ष 1960 में बिहार में किया गया था। तब से इसे अभी तक 48 बार विभिन्न राज्यों में आयोजित किया जा चुका है। विभिन्न राज्य पुलिस बलों तथा केन्द्रीय पुलिस संगठनों के साथ विचार- विमर्श कर बीपीआर एण्ड डी OKप्रत्येक एआईपीएससी के विषय निर्धारित करता है। इन्हीं निर्धारित विषयों पर पेपर आमंत्रित किये जाते हैं तथा चर्चा एवं नीति निर्धारण के सुझाव केन्द्रित होते हैं।

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