Monday, March 9, 2026
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Homeउत्तराखंड“साईबर ठगों के गिरोह का सरगना” चढ़ा एसटीएफ के हत्थे

“साईबर ठगों के गिरोह का सरगना” चढ़ा एसटीएफ के हत्थे

पीएम मुद्रा लोन योजना के नाम पर लोगों को बनाता था अपना शिकार

सिक्योरिटी गार्ड से बना साईबर ठग गिरोह का संचालक

देहरादून: उत्तराखण्ड की एसटीएफ टीम ने पीएम मुद्रा लोन योजना के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले “साईबर ठगों के गिरोह के सरगना” को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। एसटीएफ टीम ने गिरोह के सरगना के पास से 13 मोबाईल, 07 बैंक के एटीएम कार्डस, 07 सिम कार्डस और आधार कार्डस व कई लाखों रूपये के हिसाब किताब की 10 डायरियां भी बरामद कर लिया है।

इस गिरोह से अब तक 01 लाख 31 हजार रूपये नगद, 23 मोबाईल फोन, 18 एटीएम कार्डस, 71 सिम कार्डस, 02 बैंक पास बुक व कई लाखों रूपये के हिसाब किताब की 14 डायरियां बरामद हुयी है।

मामले की जानकारी देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि पिछले कई दिनों एसटीएफ ने प्रधानमन्त्री मुद्रा लोन योजना के नाम पर थाना प्रेमनगर जनपद देहरादून क्षेत्र में रहकर ऑनलाईन ठगी करने वाले साईबरों ठगों के गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। जो तेलंगना, आन्ध्रा और महाराष्ट्र राज्य के निवासियों के अलावा देशभर में कई लोगों के साथ कई लाखो रूपये की धोखाधड़ी करते थे। लेकिन इस पूरे गिरोह का मुख्य संचालक दीपक राज शर्मा तभी से फरार चल रहा था। उसकी तलाश में एसटीएफ जगह जगह तलाश कर रही थी। काफी प्रयास के बाद 13 अप्रैल शनिवार को फरार दीपक राज शर्मा को एसटीएफ की टीम ने वृन्दावन मथुरा से गिरप्तार कर लिया।

आरोपी दीपक ने अपने अन्य साथियों के नाम भी बता दिए है। आरोपी दीपक राज शर्मा (30 वर्ष)ग्राम विशुनपुर, छोटेपट्टी, थाना दोस्तपुर, जिला सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश का रहने वाला है।

दीपक राज शर्मा ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने गांव के चुन्नीलाल इंटर कॉलेज सुल्तानपुर से 12वीं परीक्षा पास की है और वर्ष 2015 से देहरादून के वसंत विहार में हॉक कमाण्डो सिक्योरिटी सर्विस में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। उसके बाद वह एक कॉल सेंटर में काम करने लगा। वह कॉल सेंटर लोगों से भिन्न-भिन्न कंपनियों के टॉवर लगाने के नाम पर ठगी करता था और वहीं से उसने काम सीख कर साईबर ठगी का काम शुरू किया।

वर्ष 2015 में वह इसी साईबर ठगी के मामले में थाना सेलाकुई से जेल गया और उसके बाद उसने अपना कॉल सेन्टर 2022 में बसंत विहार में अनुराग चौक के पास खोला जहां से फिर मुद्रा लोन के नाम पर साईबर ऑन लाइन ठगी शुरू कर दी लेकिन वहां पर भी साइबर थाना देहरादून वर्ष 2022 में वह फिर जेल चला गया।

उसके बाद में वर्ष 2023 जून से वह प्रेम नगर क्षेत्र में दोबारा से एक कॉल सेंटर खोला और प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना के नाम से ठगी शुरू कर दी इस काम के लिये उसने अपने साथ कुल 09 से लेकर 10 लड़को को रखा था। इस काम के लिये हजार रुपए प्रति सिम खरीदा गया था फर्जी बैंक खाते बिहार से 25 से 30 हजार रूपये में खरीदता था। मुद्रा लोन का मैसेज-एड के लिये दिल्ली के एक लड़के के जरिये करवाता था जिससे ग्राहक झांसे में आ जायें। मुद्रा लोन को लेकर फर्जी कॉल से धोखाधड़ी करके पर प्रति सप्ताह 6 से 7 लाख रुपए कमाये थे। जिसमें से 50 प्रतिशत हिस्सा अपनी टीम को तथा 50 प्रतिशत इसका होता था। ठगी की कमाई से सिद्धवाला, प्रेमनगर में दो प्लॉट लगभग 32 लाख रूपये में खरीदे हैं तथा 05-05 लाख की तीन कमेटियों में अपना धोखाधड़ी की रकम लगायी गयी है। ठाकुर पुर में नित्या गारमेन्टस के नाम से दुकान में भी ये ही रकम प्रयोग करता था।

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