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मुख्यमंत्री ने सिख समुदाय में होने वाले ‘आनन्द कारज’ की रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करने के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को सहारनपुर चौक स्थित गुरूद्वारा में श्री गुरू सिंह सभा देहरादून द्वारा सिख समुदाय में होने वाले ‘आनन्द कारज’ की रजिस्ट्रेशन व्यवस्था लागू करने के उपलक्ष्य में आयोजित सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आढ़त बाजार के इस गुरुद्वारे में स्थित सराय को संसाधन युक्त किए जाने हेतु अल्पसंख्यक कल्याण निधि से 25 लाख रुपए की धनराशि दी जायेगी। सिख समाज में सेवा का जो विशेष भाव है, उसी भाव के अंतर्गत गरीब सिख परिवारों के बच्चों और समाज के अन्य गरीब तबकों के लिए सिख समाज ने विद्यालय खोले हैं। ऐसे विद्यालयों में संसाधन उपलब्ध किए जाने हेतु 25 लाख रुपए प्रदान किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुनानक देव जी को नमन करते हुए कहा कि उनके अंदर का सेवाभाव दिनों दिन बढ़ता रहे और गुरूनाकदेव जी का आशीर्वाद ऐसे ही पूरे प्रदेश पर बना रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आनंद कारज एक्ट के लिए वर्ष 1909 में पहली बार मांग उठी थी, इसके बाद एक्ट बनवाने तथा पास करवाने के लिए सिख समाज को लंबी लड़ाई लड़नी पड़ी। प्रदेश में राज्य सरकार ने कैबिनेट में आनंद कारज एक्ट को मंजूरी देकर सिख समाज की एक सदी पुरानी मांग को पूरा किया है। इस एक्ट के लागू होने से एक ओर जहां सिख समुदाय में महिला सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा मिलेगा, वहीं सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य होने से बाल विवाह, बहुविवाह को रोकने में भी मदद मिलेगी। यह एक्ट महिलाओं को पति से भरण-पोषण और बच्चों को अपनाने के अपने अधिकारों का उपयोग करने में भी सहायक सिद्ध होगा, इसके साथ ही विधवा महिलाओं को विरासत का दावा करने में सक्षम बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व का ही प्रतिफल है कि आज करतारपुर कॉरिडोर बनाने की सिख समाज की वर्षों पुरानी मुराद पूरी हो पाई। 26 दिसंबर को गुरू गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत को याद करने के लिए पहली बार ’’वीर बाल दिवस’’ मनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया। देवभूमि उत्तराखण्ड में गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे का निर्माण किया जा रहा है। इस रोपवे के निर्माण के बाद हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी, क्योंकि 19 किमी की पैदल चढ़ाई रोपवे से महज 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। राज्य सरकार उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए विकल्प रहित संकल्प को लेकर निरन्तर कार्य कर रही है।

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