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प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कीं व्यापारी हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं

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व्यापारी प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, उनके सम्मान, सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री

व्यापारियों की समस्याओं के समाधान और व्यापारिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण पर विशेष जोर

26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध, प्रदेश में निवेश और उद्यमिता को दिया जा रहा बढ़ावा

हल्द्वानी: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को हल्द्वानी के राजकीय मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित प्रांतीय व्यापारी सम्मेलन का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर व्यापारियों के हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। व्यापारियों की सुरक्षा, सम्मान और हितों की रक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारी केवल वस्तुओं के क्रय-विक्रय तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार सृजन, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़े उद्योगों से लेकर छोटे दुकानदारों तक, प्रत्येक व्यापारी राज्य के विकास में योगदान दे रहा है। कोविड-19 जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार व्यापारियों को केवल करदाता नहीं, बल्कि विकास का महत्वपूर्ण भागीदार मानती है। सरकार का प्रयास है कि व्यापारियों को भयमुक्त, सुरक्षित और पारदर्शी वातावरण मिले तथा उन्हें अनावश्यक प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। व्यापारियों की समस्याओं के समयबद्ध समाधान और उनके साथ निरंतर संवाद पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने व्यापारी हितों से जुड़ी आठ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—

1. प्राकृतिक आपदा अथवा अन्य आपदाओं से प्रभावित व्यापारियों को नियमानुसार उचित राहत उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

2. व्यापारियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर उद्योग मित्र समितियों का पुनर्गठन कर नियमित बैठकें आयोजित कराई जाएंगी।

3. जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों के दुर्घटना बीमा से संबंधित जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा, ताकि पात्र व्यापारियों के आश्रित समय पर बीमा दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकें।

4. पर्यटन व्यवसाय को प्रोत्साहित करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया सरल बनाई जाएगी तथा सिंगल विंडो व्यवस्था लागू की जाएगी।

5. पर्यटन बहुल क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में होमस्टे सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को स्वरोजगार एवं अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकें।

6. चारधाम यात्रा मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे यात्रियों और व्यापारियों को सुविधा मिल सके।

7. राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों तथा अन्य प्रमुख मार्गों से जुड़े बाजारों में सड़कों एवं नालियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता से कराया जाएगा।

8. व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में काम करने वाले श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों को कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं एवं सुविधाओं का लाभ दिलाया जाएगा।

व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में व्यापार, उद्यमिता, डिजिटल लेन-देन और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिला है। उत्तराखण्ड में भी व्यापार और निवेश से संबंधित प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निवेशकों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्टार्टअप और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखण्ड स्टार्टअप नीति तथा 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था की गई है। सरकार औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित न रखकर पर्वतीय क्षेत्रों में भी उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिह्नित की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में स्थानीय व्यापार, पर्यटन, लघु उद्योग और स्वरोजगार की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के व्यापारियों को स्थानीय बाजारों के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान स्थापित करने के अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को आध्यात्मिक शक्ति के साथ आर्थिक शक्ति का भी प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों से प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि उनके सहयोग से विकसित, आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सशक्त उत्तराखण्ड का संकल्प साकार होगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की स्मारिका का विमोचन किया तथा व्यापार मंडल की विभिन्न इकाइयों के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।

इस अवसर पर सांसद श्री अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री श्री राम सिंह कैड़ा, विधायक श्री बंशीधर भगत एवं श्रीमती सरिता आर्या, महापौर श्री गजराज सिंह बिष्ट, प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्री नवीन वर्मा, प्रदेश महामंत्री श्री प्रकाश मिश्रा, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री प्रताप बिष्ट, दर्जाधारी राज्यमंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, जिलाधिकारी श्री ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी श्री अरविंद कुमार पाण्डेय, अपर जिलाधिकारी श्री विवेक राय सहित व्यापारी संगठनों के पदाधिकारी एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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