- वन, महिला सशक्तिकरण और तकनीकी शिक्षा विभागों में चयनित युवाओं को मिली नियुक्ति
- मुख्यमंत्री धामी ने कहा—नियुक्ति केवल उपलब्धि नहीं, जनसेवा का नया दायित्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को यह सफलता वर्षों के परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और धैर्य के बल पर मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के लिए अनेक सुधार किए हैं। नकल माफियाओं और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके चलते युवाओं को उनकी योग्यता और मेरिट के आधार पर अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार वर्षों में लगभग 33 हजार युवाओं को पारदर्शी और मेरिट आधारित प्रक्रिया के तहत सरकारी सेवाओं से जोड़ा गया है। नवचयनित कार्मिकों से अपेक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि वे ईमानदारी, संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभिन्न विभागों में चयनित युवा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के कार्मिक सुनियोजित विकास को गति देंगे, प्राविधिक शिक्षा विभाग के युवा तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा प्रदान करेंगे, जबकि महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के कर्मचारी मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं को मजबूत करेंगे। वन विभाग में चयनित युवा राज्य की वन संपदा और जैव विविधता के संरक्षण में अहम योगदान देंगे।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत-2047 के राष्ट्रीय संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड भी विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में आधारभूत ढांचे का विस्तार, निवेश को बढ़ावा और रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी नवचयनित युवा अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भागीदारी निभाएंगे।


