spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडएकता का प्रतीक बनेगा ‘राठ भवन’, एक वर्ष में होगा तैयार ...

एकता का प्रतीक बनेगा ‘राठ भवन’, एक वर्ष में होगा तैयार डॉ. धन सिंह रावत

सुरंग व बायपास परियोजना से सुगम होगा देहरादून पाबो का सफर

देहरादून: देहरादून के कुआंवाला में राठ जन विकास समिति द्वारा प्रस्तावित ‘राठ भवन’ का भव्य निर्माण किया जायेगा। जिसमें राठ क्षेत्र की स्थानीय झलक नजर आयेगी, यह भवन राठ क्षेत्र की एकता का भी प्रतीक होगा।

यह बात कैबिनेट मंत्री व श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ धन सिंह रावत ने राठ जन विकास समिति द्वारा आयोजित भूमि पूजन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कही। डॉ रावत ने राठ भवन के भूमि पूजन को वर्षों पुराने सामूहिक स्वप्न के साकार होने का क्षण बताते हुए कहा कि आगामी एक वर्ष के भीतर भव्य राठ भवन तैयार होगा, जो प्रवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकजुटता का सशक्त केंद्र बनेगा।

डॉ. रावत ने आश्वस्त किया कि भवन निर्माण में उनके स्तर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने राठ जन विकास समिति को सामाजिक समर्पण, एकता और जनचेतना का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि यह संगठन थलीसैंण और पाबौ विकासखंड की विभिन्न पट्टियों से जुड़े सैकड़ों परिवारों को एक सूत्र में पिरोने का कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्रीय विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने बताया कि श्रीनगर में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से धारी देवी मंदिर तक बायपास मार्ग का निर्माण किया जाएगा। साथ ही पौड़ी से पाबो तक सुरंग निर्माण और त्रिपालीसैंण के मध्य एक अन्य सुरंग परियोजना पर भी कार्य किया जाएगा, जिससे देहरादून से पाबो की दूरी और समय में कमी आएगी, साथ ही सफर सुगम होगा।

पर्यटन विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि पैठाणी राहु मंदिर, बुँखल कालिंका मंदिर और बिनसर मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों पर बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या क्षेत्र में पर्यटन की संभावनाओं को दर्शाता है। धारी देवी से चौथान होते हुए बिनसर मंदिर तक एक सुदृढ़ पर्यटन सर्किट विकसित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

समिति के अध्यक्ष मेहरबान सिंह गुसाईं ने कहा कि राठ भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, लोककला, परंपराओं और सामाजिक मूल्यों का जीवंत केंद्र होगा। महासचिव पुरुषोत्तम ममगाईं ने इसे 25 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद साकार हो रहा ऐतिहासिक क्षण बताया।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलानंद घनशाला ने किया। जबकि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में तारकेश्वरी भण्डारी, सरिता भट्ट और रेखा रावत ने लोकसंस्कृति की रंगारंग झलक प्रस्तुत कर दर्शकों का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के दौरान समाजसेवा के विभिन्न आयाम भी देखने को मिले। इस अवसर पर समिति द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर, राठ नेत्र धाम द्वारा नेत्र परीक्षण तथा पर्वतीय मानव उत्थान समिति द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर सेवा भाव का परिचय दिया।

समूचा आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और जनसेवा की भावना से ओत-प्रोत रहा तथा राठ क्षेत्र के प्रवासी परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी क्षण बन गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्र के प्रवासियों ने कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

RELATED ARTICLES

-VIDEO ADVERTISEMENT-

- Advertisment -spot_imgspot_img

Most Popular