Tuesday, March 10, 2026
spot_imgspot_img
spot_imgspot_img
Homeउत्तराखंडराज्य सरकार ने वनाग्नि रोकने के लिए ग्रामीणों से 5.42 करोड़ रुपये...

राज्य सरकार ने वनाग्नि रोकने के लिए ग्रामीणों से 5.42 करोड़ रुपये का पिरूल खरीदा

पहली बार मिला फायर वाचर्स को सुरक्षा कवच, दस लाख का सामूहिक बीमा

प्रधानों की अध्यक्षता में कमेटी, ग्राम पंचायत को 30 हजार की प्रोत्साहन राशि

गैरसैंण: प्रदेश में वनाग्नि को रोकने के लिए सरकार ने वन विभाग के माध्यम से एक वर्ष के भीतर ग्रामीणों से पांच करोड़ 42 लाख रूपये का पिरूल खरीदा है।

चीड़ के जंगलों में आग लगने के मूल कारण को खत्म करने के लिए ग्रामीणों से वर्ष 2025 में 5532 टन पिरूल खरीदा गया है। इस लक्ष्य को अब बढ़ाकर 8555 टन कर दिया गया है। सरकार की ये ही मंशा है कि पिरुल एकत्रित कर आग की आशंका को न्यूनतम स्तर पर पहुंचा दिया जाए।

वनाग्नि को रोकने के लिए धामी सरकार के प्रयासों में जनजागरूकता पर भी फोकस किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 1239 जागरूकता कैंप लगाए गए हैं। सबसे अहम काम सरकार ने यह किया है कि ग्राम प्रधानों की अध्यक्षता में फाॅरेस्ट फायर मैनेजमेंट कमेटी गठित की है, जो विभाग के साथ मिलकर जंगल बचाने में जुट रही हैं। इसके लिए संबंधित ग्राम पंचायत को 30 हजार रूपये प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है। मंगलवार को बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल में वन मंत्री सुबोध उनियाल ने यह जानकारी साझा कीं।

फायर वाचर्स की धामी सरकार ने की चिंता

वनाग्नि के दौरान फायर वाचर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए धामी सरकार ने पहली बार बीमे का सुरक्षा कवच उपलब्ध कराया है। फायर वाचर्स का दस लाख का सामूहिक बीमा किया गया है। 5600 फायर वाचर्स ने पिछले वर्ष वनाग्नि रोकने में अपना योगदान दिया था।

RELATED ARTICLES

-VIDEO ADVERTISEMENT-

Most Popular