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आदिवासी समाज को मुख्य धारा में लाना हम सब की जिम्मेदारी : रेखा आर्या

सात दिवसीय आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का किया उद्घाटन

पांच राज्यों के आठ जनपदों से 200 से ज्यादा युवा ले रहे हैं हिस्सा

देहरादून: शनिवार को डीआईटी यूनिवर्सिटी में 17 वें आदिवासी युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ । 7 दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में देश के पांच राज्यों के कुल 8 नक्सलवादी आतंकवाद प्रभावित रहे जनपदों से 200 से ज्यादा युवा हिस्सा ले रहे हैं।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि भारत को विकसित देश बनाने के लिए हर वर्ग को एकजुट करना जरूरी है। इसके लिए सबसे पहली जरूरत है कि हम आदिवासी समाज के युवाओं को मुख्य धारा में शामिल करें।

हम सभी को मिलजुल कर या प्रयास करना होगा । इसके साथ ही हमें भी आदिवासी समाज से प्राकृतिक जीवन पद्धति और प्रकृति के साथ सामंजस्य से बनाने जैसी चीज़े सीखने को मिलेगी।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि एक जमाने में नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र की स्थिति बहुत खराब होती थी लेकिन केंद्र सरकार ने लगातार विशेष प्रयास करके अब स्थिति को बहुत हद तक सुधार दिया है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 7 दिन के आयोजन में विभिन्न प्रदेशों से आए युवा उत्तराखंड के खानपान, रहन-सहन, लोक संस्कृति, लोक संगीत, नृत्य आदि से परिचित होंगे और यहां की युवाओं को भी उनसे बहुत सारी चीज़ें सीखने को मिलेंगी।

इस अवसर पर माय युवा भारत के पूर्व निदेशक जेपीएस नेगी, स्टेट डायरेक्टर अनिल कुमार सिंह, पदम श्री समाजसेवी मनोज ध्यानी, अवधेश शर्मा आदि उपस्थित रहे।

एक-एक मेहमान युवा से किया संवाद
कार्यक्रम के समापन के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या मेहमान बनकर आए आदिवासी युवाओं के बीच पहुंची और उनसे एक-एक करके बातचीत की। उन्होंने युवाओं से पूछा कि नक्सलवादी आतंकवाद का दौर लगभग समाप्त होने के बाद उनके जीवन में किस तरह के बदलाव आए हैं । साथ ही उन्होंने युवाओं को उत्तराखंड की संस्कृति जानने समझने के लिए भी प्रेरित किया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री के साथ सेल्फी लेने के लिए युवाओं में काफी उत्साह दिखा।

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