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Homeउत्तराखंडआयुष विभाग ने स्थानांतरण सत्र 2025-26 के लिए जारी किया निर्देश

आयुष विभाग ने स्थानांतरण सत्र 2025-26 के लिए जारी किया निर्देश

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गंभीर रोग व विकलांगता के आधार पर तबादले से पहले मेडिकल बोर्ड की जांच अनिवार्य

फर्जी मेडिकल के जरिये ट्रांसफर लेने वालों की मंशा पर फिरा पानी

देहरादून- आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत आयुर्वेदिक, यूनानी एवं होम्योपैथिक चिकित्सा सेवाओं में स्थानांतरण सत्र 2025-26 की प्रक्रिया के तहत गंभीर रोग एवं विकलांगता जैसी श्रेणियों में किए गए तबादला अनुरोधों की अब मेडिकल बोर्ड से जांच कराई जाएगी।

यह आदेश आयुष सचिव दीपेंद्र चौधरी ने जारी किए।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक मेडिकल बोर्ड द्वारा संबंधित कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती, तब तक ऐसे प्रत्यावेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। यह निर्णय पारदर्शिता सुनिश्चित करने और वास्तविक ज़रूरतमंद कार्मिकों को ही स्थानांतरण का लाभ देने के उद्देश्य से लिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, विभागीय स्तर पर गठित मेडिकल बोर्ड सभी संबंधित मामलों की चिकित्सकीय जांच करेगा और अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेगा। उसके बाद ही पात्रता का निर्धारण किया जाएगा। इस संबंध में सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

देखें आदेश

सेवा में,

  1. निदेशक, आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवायें, उत्तराखण्ड, देहरादून।
  2. निदेशक, होम्योपैथिक चिकित्सा सेवायें, उत्तराखण्ड, देहरादून ।

आयुष एवं आयुष शिक्षा अनुभाग,

देहरादूनः दिनांक 30 मई, 2025

विषयः-

स्थानान्तरण सत्र-2025-26 के संबंध में।

महोदय,

उपरोक्त विषय के सम्बन्ध में मुझे यह कहने का निदेश हुआ है कि आयुष एवं आयुष शिक्षा विभागा के नियंत्रणाधीन आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवायें विभाग / होम्योपैथिक चिकित्सा सेवायें विभागान्तर्गत स्थानान्तरण सत्र 2025-26 हेतु प्राप्त हो रहे प्रत्यावेदनों में अत्यधिक संख्या में मेडिकल / गम्भीर बीमारी / विकलांगता सम्बन्धी प्रमाण-पत्रों के आधार पर यथावत् रखने अथवा सुगम स्थानों में विगत 10-12 वर्षो से अधिक अवधि से गम्भीर बीमारी / विकलांगता प्रमाण-पत्र के आधार पर स्थानान्तरण से छूट प्राप्त कर कार्मिक एक ही स्थान पर कार्य कर रहे हैं। इस सम्बन्ध में विभिन्न माध्यमों से यह शिकायते प्राप्त हो रही है कि सम्बन्धित कार्मिकों द्वारा गम्भीर बीमारी / विकलांगता सम्बन्धी अवैध / फर्जी प्रमाण-पत्रों के आधार पर शिथिलता प्राप्त की जा रही है, जबकि वे Physically Fit हैं।

2- आयुष एवं आयुष शिक्षा विभाग के नियंत्रणाधीन आयुर्वेदिक एवं यूनानी सेवायें विभाग / होम्योपैथिक चिकित्सा सेवायें विभागान्तर्गत स्थानान्तरण सत्र 2025-26 हेतु गम्भीर रोग/ विकलांगता आदि श्रेणी में प्राप्त आवेदनों का विभागीय स्तर पर मेडिकल बोर्ड के सहयोग से जांच कराये जाने का निर्णय लिया गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक ऐसे प्रत्यावेदनों पर विचार किया जाना उचित नहीं है।

3-अतः उक्त सम्बन्ध में मुझे यह भी कहने का निदेश हुआ है कि वर्तमान सत्र में अनिवार्यता/अनुरोध में आने वाले कार्मिकों का स्थानान्तरण वर्तमान सत्र में 20 प्रतिशत की अधिकतम सीमा के अन्तर्गत ही किये जाये।

अन्य समस्त प्रकरणों में जांच के उपरान्त ही अग्रेत्तर निर्णय लिया जायेगा।

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