spot_imgspot_img
Homeहरियाणामध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गीता ज्ञान संस्थान के जीओ...

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गीता ज्ञान संस्थान के जीओ गीता म्यूजियम का किया अवलोकन

- Advertisement -

कुरुक्षेत्र : पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया व मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गीता ज्ञान संस्थानम के जीओ गीता म्यूजियम का अवलोकन किया और कृपा बिहारी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के उपरांत गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज का आशीर्वाद लिया।

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद का अहम योगदान है। इन्ही के प्रयासों से ही आज सरकार के माध्यम से विदेशों में भी गीता महोत्सव के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। विश्व की हर समस्या का समाधान पवित्र ग्रंथ गीता में निहित है। इस पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश आज भी पूरी तरह प्रासंगिक है। इन उपदेशों को आज हर व्यक्ति को अपने जीवन में धारण करने की जरुरत है। पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया सोमवार को गीता ज्ञान संस्थानम में जीओ गीता म्यूजियम का अवलोकन करने के उपरांत बातचीत कर रहे थे।

पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुंचाने और इस ग्रंथ को विश्व स्तर पर पहचान करवाने का श्रेय भी गीता मनीषी को ही जाता है। गीता मनीषी गौ माता और गीता के लिए हमेशा प्रेरणा स्त्रोत रहे हैं। उनके इस मिशन में जो लोग सहयोग दे रहे हैं वह भी साधुवाद के पात्र हैं। गीता जीवन जीने का आध्यात्मिक ग्रंथ है और कैसे जीया जाए और गीता में वेदों का ज्ञान है। भगवान ने चार वेद चार ऋषियों के माध्यम से बनाए और फिर वेदों का ज्ञान उपनिषदों में आया और यही ज्ञान गीता में हैं। गीता हमें कर्म करने का संदेश देती है।

गीता में जीवन की हर समस्या का समाधान : मोहन यादव

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि गीता में कहा गया है कि कर्म करो लेकिन इसमें लिप्त नहीं होना चाहिए। गीता भारतीय दर्शन की जीवन पद्वति है। भगवान कृष्ण का जीवन चिन्तन है। गीता में जीवन की हर समस्या का समाधान है। गीता हमें मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाती है। जो अनुकूलता है, वहीं सुख है और जो अनुकूल न आए वह दुख है। गीता भारतीय परपंराओं का अदभूत ग्रंथ है। पवित्र ग्रंथ गीता किसी एक धर्म की नहीं बल्कि समस्त मानव जाति को जीने की कला सिखाती है। इस ग्रंथ को घर-घर में पढ़ा जाना चाहिए, क्योंकि जीवन की सभी समस्याओं का समाधान गीता में है। गीता मनीषी देश का गौरव है और इनका आर्शीवाद हमेशा हमारे साथ रहा है।

इस मौके पर उपायुक्त नेहा सिंह, एसपी वरुण सिंगला, 48 कोस तीर्थ निगरानी समिति के चेयरमैन मदन मोहन छाबडा, संस्थानम के प्रधान मंगत राम जिन्दल, ब्रहमचारी शक्ति जी, केशव, राजेंद्र चौपड़ा, गीता महोत्सव प्राधिकरण के सदस्य विजय नरूला, हंसराज सिंगला, अशोक अरोड़ा, रमाकांत, मुनीष सिंधवानी, संस्थानम के मीडिया प्रभारी रामपाल शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

RELATED ARTICLES

Advertisement

spot_imgspot_img

Advertisement

spot_imgspot_img

-VIDEO ADVERTISEMENT-

-VIDEO ADVERTISEMENT-

Most Popular